आपका फोन हैक हो गया है कैसे पता करें, हैकर से फोन कैसे बचाएं

Team Lawforce
फोन की हैकिंग और डाटा लीक एक बहुत बड़ा खतरा बन गया है। फोन मैन्युफैक्चरर्स सुरक्षा के कितने भी बड़े-बड़े दावे क्यों न कर ले, हैकर्स के लिए फोन हैक करना असंभव कार्य नहीं है। हैकर्स फोन हैक करने के नए-नए तरीके ढूंढते रहते हैं। इसीलिए सिर्फ फोन अपडेट कर लेना काफी नहीं है, बल्कि हैकिंग के तरीकों के बारे में अपडेट रहना भी जरूरी है। कैसे पता करें कि फोन हैक हो गया है?

आर्य समाज में शादी करने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है

Team Lawforce
आर्य समाज में विवाह एक सुविधाजनक और आसान व्यवस्था है। हिंदू रीति से होने वाला या विवाह उन व्यक्तियों के मध्य हो सकता है जो इनमें से निम्न किसी धर्म को मानने वाले हैं – हिंदू जैन बौद्ध सिख आर्य समाज में विवाह हेतु निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ती है – 1) आयु का प्रमाण कक्षा 10 की मार्कशीट जन्म प्रमाण पत्र 2) पते का प्रमाण आधार कार्ड मतदाता पहचान पत्र पासपोर्ट राशन कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक पासबुक, बिजली बिल, पानी बिल, गैस बिल, पंजीकृत किरायानामा 3 ) पहचान पत्र यदि पते के प्रमाण में आधार कार्ड जैसा पहचान पत्र जमा नहीं कराया गया है अथवा राशन कार्ड जमा कराया गया है तो अलग से एक पहचान पत्र भी जमा करना होगा जिसमें आपकी तस्वीर भी हो जैसे –

ई–प्रशासन, लघु शोध, अटल बिहारी हिंदी विश्वविद्यालय भोपाल

Team Lawforce
अटल बिहारी बाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय भोपाल, मध्य प्रदेश “ ई – प्रशासन ” सायबर विधि – स्नातकोत्तर पत्रोपाधि (एक वर्षीय) पाठ्यक्रम की अंशपूर्ति हेतु प्रस्तुत लघु शोध प्रबंध सत्र : 2016-17 निर्देशक प्रो. सी.एस. मिश्रा (विभागाध्यक्ष, विधि विभाग) मार्गदर्शक मार्गदर्शक शोधार्थी श्रीमती अनीता लड्डा श्री योगेश पंडित नीरज पुरोहित विधि विभाग विधि विभाग साइबर विधि अटल बिहारी बाजपेयी हि.वि.वि. अटल बिहारी बाजपेयी हि.वि.वि. द्वितीय सेमेस्टर अटल बिहारी बाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय

चिकित्सीय लापरवाही (Medical Negligence) क्या है, शिकायत कैसे और कहाँ करें

चिकित्सीय लापरवाही क्या है? किसी चिकित्सा के क्षेत्र से जुड़े किसी प्रोफेशनल व्यक्ति जैसे चिकित्सा नर्स टेक्नीशियन डेंटिस्ट हॉस्पिटल या हॉस्पिटल स्टाफ जो की मरीजों की देखभाल एवं इलाज के लिए सेवाएं प्रदान करते हैं, उनके द्वारा कोई लापरवाही अथवा दुर्व्यवहार किया गया है, अथवा ऐसा कोई कार्य किया गया है जो की चिकित्सा क्षेत्र के स्थापित मानकों से अलग है या विपरीत है, चिकित्सीय लापरवाही कहलाता है। रोगी की उचित देखभाल करने में विफल रहना चिकित्सीय लापरवाही होता है।

ईशनिंदा क्या होती है, भारत में ईशनिंदा कानून और सजा क्या हैं ?

Team Lawforce
हाल के दिनों में ईशनिंदा (Blasphemy) पर एक बार फिर से बहस शुरू हो गई है। धार्मिक कट्टर इसके लिए कठोर से कठोर कानून और मौत की सजा का प्रावधान की मांग कर रहे हैं। आईये समझते हैं यह क्या है, इसके लिए क्या कानूनी प्रावधान है और इसके क्या दुष्परिणाम है। दिसंबर 2023 में कश्मीर में ईशनिंदा की घटना नवंबर और दिसंबर 2023 में कश्मीर के श्रीनगर के NIT में एक घटना सामने आई। NIT कश्मीर के मुस्लिम छात्रों ने एक हिंदू छात्र पर ईश निंदा यानी ब्लेस फेमी का आरोप लगाया। उन्होंने संस्थान में प्रदर्शन करते हुए पढ़ाई-लिखाई बंद करवा दी और हॉस्टल खाली करवा दिया। किसी बड़ी दुर्घटना को होने से रोकने के लिए संस्थान में भारी पुलिस बल और अर्ध सैनिक बल तैनात करने पड़े।

क्रेडिट कार्ड में खर्च करो और पैसा कमाओ, जाने क्या है तरीका

Team Lawforce
क्रेडिट कार्ड से कमाए पैसा खर्च करने के लिए क्रेडिट कार्ड कंपनी देगी आपको पैसा क्रेडिट कार्ड में खर्च करो और पैसा कमाओ, जाने क्या है तरीका क्या आप भी क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं, जानिए इसे पैसा कैसे बनाएं क्या क्रेडिट कार्ड से पैसे भी कमा सकते हैं जी हां, सुनने में यह अजीब सा लग रहा है लेकिन हम आपको बताएंगे कि क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके आप पैसा कैसे बना सकते हैं।

क्या नोटरी या स्टांप पर शादी हो सकती है क्या 100 रुपए के स्टांप पर विवाह मान्य है

Team Lawforce
₹100 के स्टांप पर हस्ताक्षर और हो गयी शादी ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जिसमें लड़के और लड़की के हस्ताक्षर ₹100 के स्टांप पर करवा कर कह दिया जाता है कि आपका विवाह संपन्न हो गया और अब आप कानूनी रूप से पति-पत्नी हो गए हो। लेकिन यह प्रश्न उठता है कि क्या भारतीय कानून केवल स्टंप पर साइन कर देने से विवाह को वैध मानता है। यह जानना बहुत आवश्यक है कि कानूनी रूप से ऐसे विवाह मान्य है भी या नहीं।

ऑनलाइन सस्ते होम या पर्सनल लोन के नाम पर हो रही साइबर ठगी, कैसे बचें

Team Lawforce
साइबर अपराधी ऑनलाइन लोन देने के नाम पर ठगी कर रहे हैं। आम लोगों को सस्ते होम लोन या पर्सनल लोन देने का लालच देते हैं और फिर लोन के जाल में फंसा लेते हैं। आम आदमी शिकायत भी नहीं कर पाता क्योंकि उसने पैसे लिए तो होते ही हैं। लोन के नाम पर साइबर ठगी के तरीके ऑनलाइन सस्ता लोन देने का वादा करके महंगा लोन दे देना। ऑनलाइन किस्तों में हेरा फेरी करके दिए गए अमाउंट से ज्यादा पैसे वसूल लेना प्रोसेसिंग फीस या डॉक्यूमेंटेशन फीस जैसे अतिरिक्त शुल्क लगाकर ज्यादा पैसे वसूल लेना आपसे एडवांस पैसे लेकर लोन ना देना लोन वसूली के लिए आपको धमकियां देना और ब्लैकमेल करना लोन वसूली के लिए आपके दोस्तों घरवालों और रिश्तेदारों को फोन करना और धमकियां देना आपसे ब्लैंक चेक लेकर उसे खुद भर के चेक बाउंस का केस लगा देना किसी बड़े बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन का नाम लेकर किसी फर्जी कंपनी से लोन दे देना चाइनीस मोबाइल एप्लीकेशन या एप से पैसे लोन दे देना जिस पर भारत के कानून लागू नहीं होते हैं, या जिसका हेडक्वार्टर भारत में नहीं है लोन के नाम पर कैसे सायबर अपराधी आपको ठगते हैं जालसाजों द्वारा ऋण देने के लिए फर्जी विज्ञापनजालसाज बहुत ही आकर्षक और कम दर पर व्यक्तिगत ऋण देने के लिए नकली विज्ञापन सोशल मीडिया या अखबार में जारी करते हैं। साइबर ठग आसान या कम ब्याज दरों या आसान पुनर्भुगतान विकल्प या बिना कोई गारंटी के या फिर

बैंकों की सही वेबसाइट कौन सी हैं ? फर्जी बैंक की वेबसाइट पर न करें लेनदेन

Team Lawforce
कई बार साइबर अपराधी बैंकों के जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट बनाकर धोखाधड़ी कर लेते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि हम बैंकों की असली वेबसाइट पर ही लेनदेन करें। भारतीय नेशनलाइज्ड पब्लिक सेक्टर बैंकों की असली वेबसाइट है यहां नीचे दी गई है – Bank of Baroda – https://www.bankofbaroda.in/ Bank of India – https://bankofindia.co.in/ Bank of Maharashtra – https://bankofmaharashtra.in/ Canara Bank – https://canarabank.com/ Central Bank of India – https://www.centralbankofindia.co.in/en Indian Bank – https://indianbank.

लाठी बंदूख या हथियार रखने के लिए आर्म्स एक्ट 1959 की धारा 25 में कितनी सजा है

Team Lawforce
कानून की भाषा आम बोलचाल की भाषा से थोड़ी अलग होती है। इसलिए इसे समझने के लिए हमें उन शब्दों के अर्थ समझना होंगे जो आम बोलचाल की भाषा में प्रयोग में नहीं आते लेकिन कानून की भाषा में प्रयोग किए जाते हैं। आयुक्त अधिनियम 1959 की धारा 25 में ऐसे ही कुछ शब्द इस्तेमाल किए गए हैं पहले उन्हें समझना आम बोलचाल की भाषा में क्या कहते हैं। इससे धारा 25 में क्या कहा गया है वह समझने में आसानी होगी।