हिंदू धर्म में तलाक को क्या कहते हैं? क्या हिंदू संस्कृति में तलाक नहीं होता था?

Team Lawforce
अरबी शब्द है “तलाक” “तलाक” एक अरबी शब्द है जिसका अर्थ है – ” छोड़ देना” या फिर “त्याग देना”। विवाह के सन्दर्भ में इसका अर्थ लगाया जायेगा – “अपने पति या पत्नी को त्याग देना। ” अब सवाल ये उठता है कि हिंदी में तलाक के लिए कौनसा शब्द होता है ? तो क्या इसका मतलब है कि भारतीय संस्कृति में तलाक नहीं होता था ? क्या प्राचीन भारत में हिन्दू धर्म में तलाक नहीं होता था ?

भारत के कितने नाम हैं? भारत, इण्डिया या हिंदुस्तान सही नाम क्या है?

Team Lawforce
2023 में माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष एक याचिका दाखिल हुई जिसमें कहा गया था कि भारत का एक नाम ‘इंडिया’ ग्रीक शब्द इंडिका से आया है। संविधान से इस नाम को हटाया जाना चाहिए। याचिका में मांग की गई थी कि उच्चतम न्यायालय केंद्र सरकार को निर्देश दे कि संविधान के अनुच्छेद-1 में बदलाव कर देश का नाम केवल भारत करे। सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच ने याचिका को ख़ारिज करते हुए इस मामले में दख़ल देने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि – “संविधान में पहले से ही “भारत” नाम का का उल्लेख किया गया है। भारत के संविधान के पहले अध्याय में लिखा है – ‘इंडिया डैट इज़ भारत.

भारत में राजनीति का अपराधीकरण

Team Lawforce
भारत में राजनीति का अपराधीकरण भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है यहां जनप्रतिनिधियों का चुनाव जनता के बीच से ही किया जाता है। लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था होने के कारण अपराधी भी विधायिका यानी विधानसभाओं और संसद में पहुंच जाते हैं। वे अपराधी न सिर्फ चुनाव जीत कर संसद में और विधानसभा में बैठते है, बल्कि पूरे देश के लिए कानून भी बनाते हैं। विधायिका में बैठकर यह अपराधी पूरे देश के लिए कानून बनाते हैं। एक स्वस्थ लोकतंत्र और देशहित के लिए यह व्यवस्था उचित नहीं है।

छत्तीसगढ़ राज्य में प्राकृतिक आपदा से क्षति या मृत्यु होने पे मिलेगा 4 लाख तक मुआवजा

Team Lawforce
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में प्राकृतिक आपदा से होने वाली क्षति पर दिया जाने वाला मुआवजा बढ़ा दिया है। यह फैसला जून 2022 में किया गया। ध्यान देने वाली बात है कि प्राकृतिक आपदा से होने वाली क्षति के मुआवजे को 33 अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। अब पंजीकृत भूमिहीन श्रमिक की आजीविका क्षति होने पर भी मिलेगा मुआवजा प्राकृतिक आपदा से होने वाले मुआवजा में यह एक नया मुआवजा भी जोड़ा गया है। अब पंजीकृत भूमिहीन मजदूरों की किसी हादसे की वजह से क्षति होने पर उस हादसे की दिनांक से 30 दिन तक परिवार के दो सदस्यों को मनरेगा की दर से आर्थिक मदद दी जाएगी। यानी जिस दिन वह हादसा हुआ है उस दिन से उस परिवार को मनरेगा की दर से 2 लोगों के भुगतान के बराबर 30 दिनों का भुगतान किया जायेगा।

जनहित याचिका क्या है, कैसे लगाते हैं, कब याचिकाकर्ता पर जुर्माना लगता है ?

Team Lawforce
जनहित याचिका क्या होती है जब किसी ऐसे मुद्दे पर जो आम लोगों के हित में जुड़ा हुआ हो, न्यायालय के समक्ष किसी भी आम व्यक्ति के द्वारा याचिका दायर की जाती है उसे जनहित याचिका कहा जाता है। सितंबर 2023 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने इलेक्ट्रिक व्हीकल से संबंधित एक मामले की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए कहा कि ” जनहित के मुद्दों का समाधान करने के लिए जनहित याचिका का सिद्धांत विभिन्न फैसलों के माध्यम से अदालतों द्वारा विकसित किया गया है, जिसका मकसद उन लोगों की सहायता करना है, जिन्हें क्षति पहुंचाई गई हो या जिनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया गया हो और उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया हो।”

कोरियर डिलेवरी स्कैम : सायबर ठगी का तरीका, महिला के खाते से उड़ाए 1.5 लाख

Team Lawforce
साइबर अपराधी लोगों को ठगने के नए-नए तरीके इजाद कर रहे हैं। ऐसा ही एक तरीका है कोरियर डिलीवरी स्कैम। साइबर ठगी के इस तरीके में लोगों को किसी कोरियर की डिलीवरी के लिए एक 5 या 10 रुपये का नॉमिनल शुल्क ऑनलाइन पे करने के लिए कहा जाता है। और जब लोग ठगों की बातों में आ कर पांच या 10 रुपये का पेमेंट कर देते हैं तो उनके अकाउंट से लाखों रुपए उड़ा लिए जाते हैं।

चीनी इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग मोबाइल एप्लीकेशन पर साइबर अपराधियों ने पैसा ठगा, छात्र ने की आत्महत्या

Team Lawforce
2022 में एक मामला सामने आया जिसमें बीटेक के एक छात्र द्वारा चीन की इन्वेस्टमेंट ऐप में निवेश करने पर साइबर ठगों द्वारा उसका सारा पैसा हड़प लिया गया, जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली। प्रताप विहार निवासी मुनेंद्र वत्स का 21 वर्षीय बेटा हार्दिक वत्स एबीईएस कॉलेज में बीटेक का छात्र था। 3 नवंबर 2022 को गाजियाबाद जिले के सिद्धार्थ विहार सोसाइटी में उस की 19वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी। जांच में सामने आया कि उसने एक चीनी मोबाइल इन्वेस्टमेंट ऐप पर निवेश किया था जिसमें उसने एक बड़ी राशि साइबर ठगों के अकाउंट में ट्रांसफर कर दी थी। वह पैसा डूब जाने पर उसने आत्महत्या कर ली थी।

सेक्सटोर्शन: ऑनलाइन डेटिंग के चक्कर में 2.5 लाख रुपए गवाये

Team Lawforce
ऑनलाइन डेटिंग एप पर पार्टनर ढूंढना एक आदमी को भारी पड़ गया। उसने साइबर अपराधियों के चक्कर में आकर लगभग ढाई लाख रुपए गवा दिए। सितंबर 2023 में बेंगलुरु से एक मामला सामने आया है जिसमें 30 वर्षीय युवक को ऑनलाइन डेटिंग एप पर पार्टनर ढूंढना बहुत महंगा पड़ गया। साइबर ठगी का तरीका द न्यू इंडियन एक्सप्रेस मैं छपी एक खबर के अनुसार, 30 वर्षीय युवक ऑनलाइन सोशल मीडिया के माध्यम से एक निकिता नाम की महिला की प्रोफाइल से जोड़ा। यही वह सोशल मीडिया पर एक अन्य व्यक्ति अरविंद शुक्ला यदि संपर्क में आया।

साइबर फ्रॉड होने पर यहां शिकायत करते ही मिलेंगे पूरे पैसे वापस

Team Lawforce
साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत कंप्लेंट करने से पूरे पैसे वापस मिल सकते हैं। बस आपको पता होना चाहिए कि कहां पर शिकायत दर्ज करवानी है। साइबर अपराध होने के अगले 3 से 4 घंटे बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। आप जितनी जल्दी शिकायत दर्ज करवाएंगे आपके पैसे मिलने की उम्मीद उतनी ज्यादा रहेगी। और आप शिकायत दर्ज करवाने में जितनी देर करते जाएंगे पैसे मिलना उतना ही मुश्किल होता चला जाएगा। क्योंकि तब साइबर अपराधियों के द्वारा फ्रॉड के द्वारा ठगा गया पैसा किसी और बैंक अकाउंट या फिर खाते से पूरा के पूरा निकाला जा सकता है। ऐसा होने पर पैसा बड़ी मुश्किल से वापस मिल पाता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के गलत इस्तेमाल से हो सकती है 3 साल की जेल, जानिए क्या है कानून

Team Lawforce
पिछले कुछ समय से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग बहुत अधिक बढ़ गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अर्थ है कंप्यूटर की ऐसी कृत्रिम बुद्धि जो मनुष्य की तरह सोचने समझने एवं विश्लेषण की शक्ति रखती है। इंटरनेट पर इसका उपयोग सभी बड़ी कंपनियां कर रही हैं। और यह सुविधा अब आम जनता के लिए भी उपलब्ध हो गई है। इसका सबसे अच्छा उदाहरण है चैट जीपीटी नाम की सुविधा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से क्या-क्या काम किए जा रहे हैं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कई तरह की कैलकुलेशन निकालने और उत्तर तलाशने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।